भारत ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। आज, 2 अप्रैल 2025 को हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ हुआ। यह ट्रेन हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित है, जो पारंपरिक डीजल और बिजली से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण-अनुकूल है।

इस तकनीक से कार्बन उत्सर्जन शून्य होगा, जो भारत को हरित भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रेल मंत्रालय ने इसे रेलवे के आधुनिकीकरण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
इस ट्रेन की खासियत यह है कि यह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के संयोजन से ऊर्जा पैदा करती है, जिसका एकमात्र उप-उत्पाद पानी है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि ऊर्जा दक्षता भी बढ़ेगी। रेल मंत्री ने उद्घाटन समारोह में घोषणा की कि अगले कुछ वर्षों में देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ट्रेनें शुरू की जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत को ग्लोबल ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में अग्रणी बना सकती है।
यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। हाइड्रोजन ट्रेन का यह प्रोजेक्ट भारत के आत्मनिर्भर और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।