मंडी, हिमाचल प्रदेश: मंडी जिले के बिंद्रावणी में सोमवार देर शाम अवैध खनन पर कार्रवाई करने गए एसडीएम सदर एवं आईएएस अधिकारी ओमकांत ठाकुर पर हुए हमले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि एसडीएम पर हमला करने वाला आरोपी अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त नहीं था। हमले में केवल एक व्यक्ति शामिल था, और पुलिस ने छह संदिग्धों को राउंडअप किया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
हमले का पूरा घटनाक्रम और आरोपी की पहचान
पुलिस के अनुसार, जब एसडीएम ओमकांत ठाकुर अवैध खनन की जांच करने पहुंचे थे, तो उन्होंने देखा कि पांच लोग मौके से भाग गए थे। इसके बाद, चिकन कॉर्नर के संचालक ने नदी की दिशा में भागकर नशे में एसडीएम से उलझ गया और उस पर हमला कर दिया। आरोपी व्यक्ति, जो जंजैहली क्षेत्र का निवासी है, नशे में अपने संपर्कों को सचिवालय तक बताते हुए एसडीएम से विवाद करने लगा। इस हमले में आरोपी को कोर्ट से तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है।
अवैध खनन और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने घटना के बाद जांच शुरू की और पाया कि एसडीएम के मौके पर पहुंचने से पहले तीन प्रवासी मजदूर अवैध खनन कर रहे थे। उनके साथ दो अन्य लोग भी ट्रैक्टर के साथ थे। एसडीएम की गाड़ी देखकर सभी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने इन सभी को ट्रैक किया और पूछताछ के लिए थाने बुलाया। तीनों प्रवासी मजदूर एक ठेकेदार के अधीन काम कर रहे थे, और ठेकेदार ज्योति को भी तलब किया गया है।
आरोपियों की पहचान और आगामी जांच
चिकन कॉर्नर संचालक के पास खच्चर भी थे, जिनका मालिक ठेकेदार ही था। पुलिस ने हमलावर आरोपी हीरा लाल (बजैहल, थुनाग) को गिरफ्तार किया है। ट्रैक्टर के साथ उपस्थित अन्य दो लोगों की पहचान पूर्ण चंद (मड़बाण, सदर) और राजीव (पंजैठी, सदर) के रूप में हुई है। ठेकेदार ज्योति (शिल्हा किप्पड़, सदर) को भी इस मामले में शामिल किया गया है, हालांकि वह घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था। वह अवैध खनन करवा रहा था।
मजदूरों की पहचान तनबीर, सूरज ऋषिकेश और प्रकाश ऋषि (लोहागारा, किशनगंज, बिहार) के रूप में हुई है। सभी ने एसडीएम की गाड़ी को देखकर वहां से भागने की कोशिश की थी।
एसडीएम पर हमले की जांच और पुलिस की प्रतिक्रिया
मंडी पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने कहा, “ऑन-ड्यूटी एसडीएम पर हमला होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमलावर और अन्य आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। इस मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एसडीएम बिना पुलिस के क्यों मौके पर गए थे।”
अवैध खनन और सरकारी ड्यूटी में हस्तक्षेप पर सख्त कार्रवाई
पुलिस ने एसडीएम पर हमले के मामले में सरकारी ड्यूटी में मौजूद अधिकारी पर हमला और गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया है। वहीं, अन्य पांच आरोपियों के खिलाफ अवैध खनन और सरकारी खनिज पदार्थ चोरी करने के आरोप में जांच जारी है।